कौन बनते हैं डाक्टर और शिक्षक ?
विभिन्न प्रकार के सिस्टम्स पर अनुसंधान करने वाले विद्वानों के अनुसार, किसी भी कार्य या सिस्टम के तीन आउटपुट होते हैं- एक तंत्र (System), सेवा (Service) या फिर कोई उत्पाद (Product)। इस सिद्धांत के आधार पर फैक्ट्रियाँ, दुकानें आदि चीजें अंत में उत्पाद पैदा करती हैं (ये अलग बात है कि कभी-कभी उत्पाद भी एक पूरा का तंत्र होता है) या पैसा। प्रशासन एक तंत्र है और इसका अंतिम उद्देश्य सेवा है। इसका काम पैसा कमाना नहीं होता है। इसी तरह शिक्षा और स्वास्थ्य एक स्कूल, कालेज, विश्वविद्यालय या अस्पताल के रूप में सिस्टम बनकर सामने आते हैं। हमारे राज्य में ये माना जाता है कि पटना में दो ही लोग कमा रहे हैं, पहले शिक्षक या कोचिंग संस्थान और दूसरे डाक्टर। यही बात कमोबेश लगभग सभी शहरों के लिए भी है।