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रविवार, 29 मई 2011

ये टाई काहे को पहनता है भाई?

कल क्या टाई के बगैर गंभीर पत्रकारिता नहीं हो सकती? शीर्षक से एक आलेख देखा तो एक कहानी याद आ गयी। जरा ध्यान से सुनिएगा।
     यह कहानी ठीक से याद नहीं। लेकिन गालिब के बारे में है। एक बार गालिब को बादशाह ने भोजन पर बुलाया। गालिब ठहरे गरीब आदमी। कोई शाही या राजसी वस्त्र तो था नहीं उनके पास। इसलिए पहुंच गए सीधे अपने सादे कपड़ों में। द्वारपाल ने दरवाजे से भगा दिया। गालिब कहते रहे कि मैं गालिब हूं और मुझे भोजन पर बुलाया गया है।