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सोमवार, 5 मार्च 2012

स्त्री और शब्द-2 (कविता)

स्त्री और शब्द कविता का पहला भाग यहाँ है। 


लुट जाती है इज्जत
होता है बलात्कार
होती है बीमारी
होता है इलाज

मंगलवार, 8 मार्च 2011

स्त्री और शब्द (कविता)


एक कविता जो मैंने 29 नवंबर 2010 को लिखी थी, आपके सामने है। 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। इसी अवसर पर सोचा कि यह कविता आपके सामने रखूं। इसमें हो सकता है कि शब्द ठीक से न पिरोया गया हो। अर्थ छितराये हुए हों। लेकिन मेरी पुरानी आदत है कि मैं अपने पहले की लिखी चीजों में कोई बदलाव नहीं करता क्योंकि वो मुझे याद दिलाती है कि मैंने उसे कैसे लिखा था। तो पढिए और बताइए लिखने वाला किस हद तक सिरफिरा मालूम पड़ता है।