मुझे इतिहास का ज्यादा पता नहीं, भविष्य में इसपर कुछ अध्ययन और सम्भव हुआ तो शोध का विचार है लेकिन इस बार आपको एक बहुत बड़े विद्वान और आलोचक रामविलास शर्मा की कही बात पढ़वा रहा हूँ, जो निश्चित रुप से सोचने को मजबूर करती है। यह एक साक्षात्कार का अंश है जो आप यहाँ पढ़ सकते हैं। आप यह साक्षात्कार अवश्य पढ़ें क्योंकि यह बहुत महत्वपूर्ण है।