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बुधवार, 25 जनवरी 2012

आज छब्बीस जनवरी है (कविता)


एक सादा, बिलकुल साधारण-सी कविता जो 26 जनवरी को ही 2007 में लिखी गयी थी। 

आज सुबह साढ़े आठ बजे
मंत्रीजी की गाड़ी से
कुचल गया एक ग़रीब दौड़ता बच्चा
चारों तरफ़ मची अफ़रा-तफ़री है
क्योंकि आज छब्बीस जनवरी है।