(http://shrut-sugya.blogspot.com/2011/06/blog-post.html पर स्मार्ट इंडियन के सवालों और हंसराज यानि सुज्ञ की बातों के जवाब जो मैंने सुज्ञ के चिट्ठे पर दिया है, यहाँ प्रकाशित कर रहा हूँ। माफ़ी चाहता हूँ कि ऐसी चीज डालनी पड़ी लेकिन जवाब देना मेरे खयाल से आवश्यक था। यह जवाब इतना लम्बा हो गया कि इसमें 6000 शब्द लग गए। इतने लम्बे आलेख या जवाब को पढ़ने के लिए समय तो ज्यादा लगेगा लेकिन उम्मीद करता हूं कि आप भी कुछ समझ पाएंगे इससे।)
"कैसा प्रदर्शन, क्या सिर्फ पुलिस की गालियाँ और मार खाने के लिए…हरगिज नहीं! इस तरह का कोई भी कदम मैं उस समय तक नहीं उठाऊंगा, जब तक मेरे पास एक अदद बंदूक न हो" - चे ग्वेरा
देशभक्ति लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
देशभक्ति लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
रविवार, 26 जून 2011
शनिवार, 18 जून 2011
देशभक्ति और ग्लोबल सिटिजनशीप
पहले एक व्यक्ति से आपका परिचय कराते हैं। एक परिचित हैं मेरे। नाम नहीं लूंगा। नेपाल के रहनेवाले हैं। मेरे साथ दो-तीन साल तक पढ़ते रहे हैं। उनका एक बार-बार दुहराया जानेवाल कथन था(शायद अब भी हो)- आई हेट हिन्दी। अंग्रेजी को खूब पसन्द करते हैं। वे हमारे देश के वासी नहीं हैं। इसलिए मुझे उनसे हिन्दी को लेकर ज्यादा बहस नहीं करनी होती है।
मैंने उन्हें बताया है कि मैं अंग्रेजी के खिलाफ़ एक किताब लिख रहा हूँ। ये बात वे जानते हैं। यहाँ सबसे बड़ा मुद्दा है देशभक्ति और ग्लोबल सिटिजन होने का।
उनका एक मेल आया है मेरे पास। उसके कुछ अंश पढ़िए।
खोजें:
ग्लोबल सिटिजनशीप,
ग्लोबलाइजेशन,
देशभक्ति
शुक्रवार, 4 मार्च 2011
रफी का सिर्फ एक ही पूरक है वह है -रफी
मनुष्य का जन्म दर्द से ही शुरु होता है। माता की प्रसव पीड़ा के साथ ही एक मनुष्य का आगमन इस संसार में होता है। शायद मनुष्य की दर्द पहली अनुभूति है। इसलिए ही कहा जाता है कि कविता से संगीत तक सभी का जन्म दुख या दर्द से ही हुआ है। संगीत में सबसे अहम स्थान है आवाज। सबसे पहले आदमी ने गाना शुरु किया होगा। इसके बाद ही तरह-तरह के वाद्य-यंत्र आए। सिर्फ़ आवाज के साथ यानि बिना वाद्य-यंत्रों के या सिर्फ एक ही वाद्य-यंत्र की सहायता से सबसे ज्यादा गाने गाने वालों में रफी शायद पहला नाम है।
खोजें:
आवाज,
देशभक्ति,
फिल्मी गाने,
रफी,
शहीद
सदस्यता लें
संदेश (Atom)